आसन और योगाभ्यास

2
623
Dr. S.L. Yadav
मंडूकासन दो शब्द से मिलकर बना है। मंडूक जिसका अर्थ होता है “मेंढक” एवं आसन का मतलब होता है “बनावट”। इस आसन के करते समय शरीर मेंढक के आकर जैसा प्रतीत होता है इसलिये इसको मंडूकासन के नाम से जाना जाता है। यह आसन उदर से संबंधित विभिन्य रोगों के समाधान के लिए सबसे अच्छा आसन है। मंडूकासन की बिधि- सबसे पहले आप वज्रासन में बैठ जाएं। आप मुठ्ठी बंद करके नाभि पर रखे ,मुठ्ठी जमीन की तरफ रहे फिर सांस छोड़ते हुए आगे झुकें, छाती को इस प्रकार नीचे लाएं कि वह जांघों पर टिकी रहे। आप इस तरह से आगे झुकें कि नाभि पर ज्यादा से ज्यादा दबाव आए। सिर और गर्दन उठाए रखें, दृष्टि सामने रखें।धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे सांस छोड़े। यथासंभव इस स्थिति को बनाये रखें अथवा 1 मिनट से 2 मिनट रोककर फिर सांस लेते हुए अपनी सामान्य अवस्था में आएं और आराम करें।यह एक चक्र हुआ।आप शुरुआत में इसे दो से तीन बार कर सकते हैं। बाद में एक बार में ज्यादा वक्त बिताने का प्रयास करें। मंडूकासन के लाभ- • शरीर को गर्मी प्रदान करता है। • ब्लड सुगर को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा आसन है। • डायबिटीज जैसी समस्याओं को दूर करने का सबसे अच्छा आसन है। • बढ़ें हुए पेट को कम करता है। यह पेट में अच्छा खासा दबाव डालता है। इस आसन को ज़्यादा समय तक बनाये रखने से पेट की चर्बी गलाने में मदद मिलती है। • पेट से संबंधित रोगों के लिए यह अति उत्तम योगाभ्यास है। • इस आसन का सही अभ्यास करने से पैंक्रियास से इन्सुलिन के स्राव में मदद मिलती है जिससे डायबिटीज या मधुमेह को बहुत हद तक कम किया जा सकता है।अगर आप कब्ज एवं अपच से छुटकारा चाहते हैं तो मंडूकासन का अभ्यास जरूर करें। इस योगाभ्यास से एंजाइम एवं हॉर्मोन का ठीक तरह से स्राव होने लगता है जो भोजन को पचाने में मदद करता है और कब्ज एवं अपच जैसी परेशानियों से आपको निजात दिलाता है।हमारे पेट में तरह तरह के टॉक्सिन्स एवं जहरीली गैसें होते हैं। इस आसन के अभ्यास से आप अपने उदर से जहरीले गैस को आसानी से निकाल सकते हैं। मंडूकासन में सावधानियाँ- • मंडूकासन करते समय आपको कुछ चीजों का ख्याल रखना चाहिए जो निम्नलिखित है- • अगर आपको पीठ में दर्द हो तो इस आसन को करने से परहेज करना चाहिए। • अति अम्लता वालों को यह आसन नहीं करना चाहिए। • पेट का ऑपरेशन हुआ हो तो इस आसन को न करें।• नाभि की समस्या होने पर भी इस को न करें। • आसन खाली पेट एवम् किसी समतल जमीन पर चटाई (योग मैट) बिछाकर करना चाहिए।• आसन हमेशा योग विशेषज्ञ की देख-रेख में ही करना चाहिए। (लेखक;  प्राकृतिक चिकित्सा एवम् योग केन्द्र,आईआईटी कानपुर के मुख्य चिकित्सक हैं।)

2 COMMENTS

  1. Your comment is awaiting moderation
    Yog is really good for health .I recommend to all of viewers that do it regular and see the benefits.

  2. मंडूकासन से अग्न्याशय सक्रिय होता है जिसके कारण डायबिटीज के रोगियों को इससे लाभ मिलता है। यह आसन उदर और हृदय के लिए भी अत्यंत लाभदायक माना गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here